-मुशायरा-
collection of hindustani poetry written by anand jha
शनिवार, 3 दिसम्बर 2011
तुम्हारी दुनिया के हवाले से
फिर एक इलज़ाम आया है
याद ऐसे भी किया करते हैं परायों को
2 टिप्पणियाँ:
v.p.singh
Dec 22, 2011 02:12 AM
Remember Only LOVE LOVE OR LOVE
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Amrita Tanmay
Jan 17, 2012 07:30 PM
vaah !
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Remember Only LOVE LOVE OR LOVE
प्रत्युत्तर देंहटाएंvaah !
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