रविवार, 7 अगस्त 2011

portrait

घुल रहा है 
तुम्हारे सपनों सा 
कैनवास पे रंग 

धूप की बारिश 
इन्द्रधनुष 
साइकिल चलते बच्चे 
मूंगफली  वाले की आवाज़ 
"बादाम भाजा, फोड़-फोड़ के खाजा "
सफ़ेद पे पीला , चम्पई 

एक लड़की की आँखें 
ताकती बेचैन, 
रेलिंग के पीछे सर झुकाए झूमते eucaliptus के पेड़ 
जाड़ा ऊनी pant गहरे हरे रंग की jacket
दुर्गा पूजा की भीड़ 
मेला दुकानें नए कपडे 
आसमानी है न , एक लम्बा stroke

किताबें, और किताबें 
उनकी बदबू, उनके पीछे झांकती भूखी आखें 
रिजल्ट , और रिजल्ट और किताबें, 
एक साल से दुसरे साल का बदला
भूख और भूख 
बंद कमरे के बाहर  थोडा सा आसमान 
ग्रे

फिर बहाव 
मुट्ठी, आवाजें 
अलग अलग दिशाओं में खींचते हाथ
खुद से विवाद, और विवाद 
फिर खाली सा दिन
थोडा और ग्रे 

गिरती इमारतें
गायब होते लोग
सख्त स्याह प्लास्टिक सा होता अंतस
दोपहर, धूप 
लाल, 

कैनवास पे सूखते strokes 

2 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत सुन्दर, खूबसूरत भावाभिव्यक्ति

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  2. रक्षाबंधन एवं स्वतंत्रता दिवस पर्वों की हार्दिक शुभकामनाएं .

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